घर पर आलू कैसे उगाएं। जाने कुछ आसान से टिप्स से आलू उगाना। 2022.

हेलो फ्रेंडस तो आपका स्वागत है, हमारी वेबसाइट www hindiguru.world पर आज हम अपनी वेबसाइट पर यह आर्टिकल लेकर हाजिर हुए हैं जिसमें हम आपको आलू कैसे उगाए जाते हैं, घर पर आलू कैसे उगाएं। आलू कितने दिन में उगते हैं।, घर पर आलू कैसे लगाएं, आलू में कौन सी खाद डालें, आलू को कैसे अंकुरित किया जाता है। इन सभी सवालों का जवाब लेकर हम हाजिर हुए हैं। हम आपको अपनी इस पोस्ट के माध्यम से संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने वाले हैं। तो चलिए अब हम बात करते हैं आलू के बारे में इसको आप बहुत आसानी के साथ अपने घर पर उगा सकते हैं।

आलू क्या है?



आलू एक तरह से एक सब्जी है यह जमीन के अंदर पैदा होता है आलू एक विशेष प्रकार की सब्जी जिसको खाना अनिवार्य है क्योंकि अनिवार्य है इसलिए कहा है कि आलू का सेवन सबसे ज्यादा होता है आलू सब्जियों का राजा माना जाता है क्योंकि आलू के बगैर किसी भी सब्जी का स्वाद अधूरा रहा है। हमारे भारत देश में आलू की पैदावार सबसे ज्यादा है और इसकी खपत भी। क्योंकि शायद ही कोई एक ऐसा भारतीय होगा जो आलू का प्रयोग नहीं करता होगा। हमारे भारत देश में सबसे ज्यादा आलू का सेवन किया जाता है और इसकी पैदावार भी सबसे ज्यादा भारत में ही होती है। मैं उम्मीद करता हूं कि अब आप मेरी इस आर्टिकल के माध्यम से समझ चुके होंगे कि आलू क्या है, और इसको कैसे पैदा किया जाता है, यह हम आगे बताने वाले हैं।

आलू घर पर कैसे उगाए।

आपने देखा होगा कि ज्यादातर क्षेत्रों में आलू की फसल जुलाई-अगस्त सितंबर माह में की जाती है। लेकिन इस फसल को हम कभी भी कर सकते हैं, जब आपका मन हो आप आलू उगा सकते हैं। आलू को उगाने के लिए हम उभरी हुई मिट्टी का प्रयोग करते हैं। जब आपको घर पर आलू उगाने का मन हो तब आप अपने घर पर मिट्टी को खोदकर उस को बारीक कर ले और इसके बाद जैसे हम खेत में मेंड बनाते हैं। उस तरह से मेंड बना ली जाएं और 1 फीट की दूरी पर आलू के बीज को वो दिया जाए। इस तरह से आलू बोलकर कुछ ही दिनों बाद आप देखेंगे कि आपका आलू मैं अंकुरित फूटने लगे हैं और आलू का पौधा आपके घर पर तैयार होने लगा है। आलू उगाना बहुत ही आसान है इसको आप अपने घर पर या खेत में बहुत आसानी के साथ उगा सकते हैं। उम्मीद करता हूं कि मेरे बताए हुए तरीके को आप समझ गए होंगे और इस तरीके के अनुसार प्रयोग करके आप घर पर बहुत आसानी के साथ आलू उगा सकते हैं।

आलू उगाने का सही तरीका भारतीयों के अनुसार।



संक्षेप में हम जानेंगे कि हम सर्दियों के अंत समय में, फरवरी-अप्रैल) या गर्मियों के दौरान (ज्यादातर क्षेत्रों में जुलाई-अगस्त) उभरी हुई मिट्टी के टीले में आलू के बीज लगाते हैं। आमतौर पर, बीज रोपने के 3-4 महीने बाद, हम भूमि के अंदर निकलने वाले आलुओं की फसल प्राप्त कर सकते हैं। उपज पाने के बाद, हम शेष पौधों को नष्ट करने के लिए गहराई से जुताई करते हैं। सामान्य तौर पर, हमें लगातार दो साल तक एक ही खेत में आलू की खेती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसके कारण मिट्टी क्षीण हो जाएगी और रोग फैलने का खतरा ज्यादा होगा।हम आलू के बीजों की खरीदारी के साथ शुरुआत करते हैं। प्रतिष्ठित विक्रेताओं के पास से आलू के प्रमाणित रोगमुक्त बीज लेना अच्छा होता है। बीज वाले आलू सामान्यतः वही आलू होते हैं जिन्हें हम खाने के लिए प्रयोग करते हैं, लेकिन उन्हें मनचाही विशेषताएं पाने के लिए चुना जाता है। विभिन्न रोगों के लिए उनकी जांच की जाती है या कीटाणुशोधन भी किया जाता है। वैकल्पिक रूप से, हम वही आलू उगा सकते हैं जो हम सब्जियों की दुकान से खरीदकर लाते हैं, लेकिन उनके चयन के लिए अनुभव की जरुरत होती है और हमें उत्पादित आलुओं की मात्रा और अंतिम वजन में काफी कम परिणामों की अपेक्षा करनी चाहिए। ज्यादातर माली और किसान आलू के बीजों को छोटे टुकड़ों में काट देते हैं (आलू काटने के अपने लाभ और नुकसान हैं)। प्रत्येक टुकड़े पर कम से कम एक बीज छोड़ दें। सामान्य तौर पर, हम बड़े आलू की गांठों (व्यास > 45 मिमी) को काट सकते हैं, जबकि छोटी गांठों को पूरा लगा सकते हैं। हम बीज वाले आलू के टुकड़ों को 2 दिन तक सूखे स्थान में रखते हैं। इसके बाद, हमें आमतौर पर कटे हुए आलू की सतह पर पपड़ी दिखाई देने लगेगी। उस समय, हम उन्हें लगाने के लिए तैयार होते हैं।


आलू के बीज रोपने से पहले गहराई तक जुताई करना और कंकड़-पत्थरों को हटाना जरुरी होता है। आलुओं को टीलों पर उगाया जाता है। सबसे पहले हम 4-6 इंच (10-15 सेमी) गहराई का एक गड्ढा खोदते हैं। गड्ढे की लम्बाई हमारे पास उपलब्ध आलू के बीजों की मात्रा पर निर्भर करता है। अगला गड्ढा पहले वाले से कम से कम 28 इंच (70 सेमी) की दूरी पर होना चाहिए। इसके बाद हम गड्ढों को मिट्टी से भरकर अपने खेत को सपाट कर देते हैं। उस समय, आपको टीले बनाकर अपनी फसलों को ज़मीन से ऊपर करने की जरुरत होती है। हम ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि समतल सतह पर आलू उगाने से हमारे आलू के पौधों को बढ़ने और अच्छी पैदावार देने में मदद नहीं मिलेगी। इसके अलावा, गड्ढों के बीच मिट्टी को ऊपर जमा करने से हमें यह पता लगाने में भी मदद मिलती है कि हमारे बीजों की पंक्ति कहाँ स्थित है। कई किसान गड्ढों के बीच की दूरी को सिंचाई के माध्यम के रूप में भी प्रयोग करते हैं। इसलिए, हमें पौधों के आधार से लगभग 4 इंच (10 सेमी) ऊंचाई पर पंक्ति के प्रत्येक किनारे से मिट्टी को ऊपर करके टीला बनाना चाहिए।

हमारे इस लेख के माध्यम से आप समझ गए होंगे कि आलू कैसे उगाए जाते हैं अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो प्लीज हमारी वेबसाइट को फॉलो करें और हमारे इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

                                          धन्यवाद।

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