बकरा ईद 2022 में कब है, आज हम जानेंगे। बकरा ईद मुस्लिमों का त्यौहार है। यह मीठी ईद के 2 महीने 10 दिन के बाद आती है।और इस ईद पर प्यारे मुस्लिम भाई बकरा, ऊंट आदि की व 4 टांग वाले जानवरों की कुर्बानी देते हैं।और नमाज ईद की अदा करते हैं। और बड़े ही उत्साह के साथ बकरा ईद का त्योहार मनाते हैं।

मेरे प्यारे अजीज और दोस्तों मैं आपको अपना परिचय देता हूं।

'हेलो' दोस्तों अस्सलामु अलैकुम (नमस्कार) मैं आपका दोस्त हिंदी गुरु वेबसाइट का एडमिन हूं। और मैं आज आपके लिए अपने इस आर्टिकल में बकरा ईद के सिलसिले में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लेकर हाजिर हूं। बहुत सारे लोग इंटरनेट पर सर्च करते रहते हैं। 2022 में बकरा ईद कब है, बकरा ईद कब की है 2022 में। बकरा ईद क्यों मनाई जाती है। मुस्लिम धर्म में 2022 में ईद उल अजहा कब है। आपके सभी सवालों का जवाब लेकर हाजिर हुआ हूं अपने इस आर्टिकल में। आज मैं आपके सभी सवालों का जवाब अपने इस लेख में देने वाला हूं।

बकरा ईद कब है 2022 में। Eid-ul-adha 2022

बकरा ईद कब की है 2022 में


बकरा ईद एक ऐसा त्यौहार है, जो भारत देश में तो मनाया ही जाता है। लेकिन साथ-साथ अन्य मुस्लिम देशों में भी मनाया जाता है । बकरा ईद के त्यौहार के दिन मुस्लिम लोग मस्जिद में जमा होते हैं। और मस्जिद के इमाम के पीछे 2 रकात नमाज अदा (पढ़ते) हैं। तो चलिए अब बात करते हैं, कि 2022 में बकरा ईद कब की है 2022। 


में ईद उल अजहा कब की है, बकरा ईद क्यों मनाई जाती है, बकरा ईद को मनाने के क्या कारण हैं। मीठी ईद के कितने दिनों बाद बकरा ईद मनाई जाती है। आपके इन सभी सवालों का जवाब हम अपने इस आर्टिकल में आपको बताने वाले हैं।जानने के लिए आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। ताकि आपको अधूरी जानकारी ना मिल पाए।क्योंकि मेरे प्यारे भाइयों अधूरी जानकारी किसी काम की नहीं होती है। 


इसलिए मैं आपको अपना आर्टिकल पूरा पढ़ने की सलाह देता हूं। पूरा आर्टिकल पढ़कर आप पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कि मुस्लिम धर्म के लोग बकरा ईद को क्यों मनाते हैं। और इस को मानने का क्या कारण है। यह सभी सवाल आपको इसी लेख में मिलने वाले हैं।


बकरा ईद कब की है 2022। (bakra eid kab ki hai in hindi 2022).

बकरा ईद कब की है 2022 में इस शीर्षक में हम यही जानेंगे। कि बकरा ईद 2022 में कब की मनाई जाएगी। वैसे देखा जाए तो मुस्लिम धर्म में त्यौहार चांद की तारीख के हिसाब से चांद को देखकर मनाए जाते हैं। बकरा ईद की तारीख 2022 में क्या है, आपके ऐसे सवालों का जवाब हम इसी लेख में देने वाले हैं।

अंग्रेजी कैलेंडर में जो मुस्लिम तोहार की तारीख दी गई है। इन त्योहारों का एक या 2 दिन का फर्क मुस्लिम त्यौहार को मनाने में हो जाता है। क्योंकि मुस्लिम त्यौहार चांद की तारीख के हिसाब से मनाए जाते हैं। जो चांद देखने पर मुकर्रर की गई होती है। मीठी ईद हो या बकरा ईद हो यह मुस्लिम त्योहार  मुस्लिम धर्म में चांद को देखकर ही मनाए जाते हैं। चांद अगर मौसम साफ ना हो तो दिखाई नहीं देता। लेकिन मुस्लिम धर्म के जो शहर काजी होते हैं, उनके अनाउंस करने पर मुस्लिम लोग त्यौहार को मना लेते हैं।


Bakra Eid kyon manayi jaati hai 2022 me in hindi.बकरा ईद क्यों मनाई जाति ईद है 2022 में।

मुस्लिम धर्म में बकरा ईद चांद देखकर मनाई जाती है। लेकिन बकरा ईद अंग्रेजी तारीख के हिसाब से हर साल 10 से 12 दिन खिसकती रहती है।ईद उल फितर या यूं कहें मीठी ईद को मनाने के लिए चांद को देखना पड़ता है। ईद उल फितर रमजान के बाद आती है। और चांद जिस दिन दिखता है, उसके अगले सुबह को मीठी ईद बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।

ईद उल फितर ईद का मनाने का दिन सिर्फ और सिर्फ 1 दिन पहले ही पता चलता है। क्योंकि ईद उल फितर चांद देखकर मनाई जाती है। जबकि बकरा ईद चांद देखकर दसवें दिन यानी कि 10 तारीख को मनाई जाती है।

2022 में बकरा ईद कब की है।(bakra eid kab ki hai in hindi 2022).

2022 में बकरा ईद 09 जुलाई 2022 को मनाई जाएगी। 09 जुलाई 2022 की तारीख ईद मनाने के लिए मुकर्रर की गई है।लेकिन इस तारीख के अनुसार बकरा ईद मनाना मुकर्रर होने से बकरा ईद नहीं होगी। पोके बकरा ईद हो या मीठी दो यह इस्लाम धर्म में चांद देखने के बाद बकरा ईद 10 तारीख को होती है। और मीठी ईद के लगभग 70 दिनों बाद बनाई जाती है।

जबकि मीठी सिवंई वाली ईद चांद देखकर उसके अगले दिन मनाई जाती है।

बकरा ईद मनाने का इस्लाम में क्या कारण है?(what is reason celebrate bakra eid).

बकरा ईद मनाने का क्या कारण है। बकरा ईद कब की है 2022 में।










बकरा ईद बनाने का इस्लाम धर्म में क्या कारण है यह हम आपको अपने इस लेख में बहुत ही सूझबूझ के साथ समझाने वाले हैं। आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़कर बहुत आसानी से यह समझ जाएंगे कि इस्लाम धर्म में बकरा ईद क्यों मनाई जाती है। इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह का एक हदीसी वाकिया है। जो मैं आपको अभी अपने इसी लेख में बताने वाला हूं। हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह के उस वाक्य के कारण ही इस्लाम धर्म में बकरा ईद मनाई जाती है।

एक बार हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह से अल्लाह ताला ने सपने में सबसे ज्यादा प्यार करने वाली चीज को जिवाह करने के लिए कहा। हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह ने बहुत सोच समझ कर अपनी जान से ज्यादा प्यार करने वाली औलाद यानी कि बेटे को जिवाह करना ही बेहतर समझा।

और हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह ने छुरी तेज कर अपने बेटे को बिना बताए एक पहाड़ी पर ले गये। और वहां बेटे की आंखों पर पट्टी बांधकर उस पर छुरी चला दी। तभी अल्लाह ताला ने हजरत जिब्राइल अलैहिस्सलाम को दुनिया पर भेज दिया। और उनके बेटे की जगह एक दुम्मा जन्नत से लाकर खड़ा कर दिया। हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह के हाथ से चली वो छुरी दुम्मे की गर्दन पर चल पड़ी। और दुम्मा हलाल हो गया। तभी से बकरा ईद पर कुर्बानी का सिलसिला जारी है। इस्लाम धर्म में यह मानना है, कि अल्लाह की राह में बकरा ईद पर दुम्मा या कोई अन्य जानवर को जिवाह करना बहुत सवाब का काम है। तभी से बकरा ईद के मौके पर मुसलमान जानवरों की कुर्बानी करते हैं। अल्लाह की राह में कोई एक जानवर कुर्बान कर के सवाब कमाते हैं।


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