इंजीनियर टिप्स: वेल्डिंग की परिभाषा इंजीनियर द्वारा अगर की जाए तो वह इस प्रकार होगी। वेल्डिंग का क्या अर्थ है या यूं कहे वेल्डिंग की परिभाषा क्या है। यह सब हम आपको अपनी इसी पोस्ट में बताएंगे कि बैल्डिंग का क्या अर्थ है या वेल्डिंग की क्या परिभाषा होती है। वेल्डिंग के कितने प्रकार होते हैं। वेल्डिंग कितने प्रकार का होता है यह सब हम इसी पोस्ट में जानेंगे आपको हम नीचे विस्तार से बताने वाले हैं, कि बैल्डिंग का क्या अर्थ है या वेल्डिंग किस तरीके से किया जाता है। वेल्डिंग करने का क्या तरीका होता है।

वेल्डिंग(welding) से आप क्या समझते हैं:-

वेल्डिंग से आप क्या समझते हैं, वेल्डिंग कैसे करते हैं,


वेल्डिंग को हिंदी में 'झलाई कहते हैं। इसकी अगर परिभाषा की जाए तो दो या दो से अधिक धातु को गर्मी या दबाब के माध्यम से एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया को वेल्डिंग कहते हैं। वेल्डिंग(welding) से समान या समान धातु या फिर थर्मोप्लास्टिक जोड़े जाते हैं।

आपको अब समझ में आ गया होगा उपरोक्त में हमने वेल्डिंग की जो परिभाषा दी है। उससे आप समझ गए होंगे कि वेल्डिंग किसे कहते हैं। आइए अब जानते हैं, की वेल्डिंग कितने प्रकार का होता है। वेल्डिंग कैसे किया जाता है।आपको इस बारे में विस्तार से बताएंगे।

वेल्डिंग (welding) कितने प्रकार का होता है।

अब आप लोग समझ गए होंगे कि वेल्डिंग किसे कहते हैं इसकी परिभाषा हमने उपरोक्त शीर्षक में दी है। अब हम इस शीर्षक में बात करेंगे कि वेल्डिंग कितने प्रकार का होता है।

वेल्डिंग प्रक्रिया के आधार पर वेल्डिंग कई प्रकार का होता है। वेल्डिंग के प्रकार आपको निम्न बताए जा रहे हैं। गैस वेल्डिंग, आर्क वेल्डिंग,आर्गन वेल्डिंग,मिग वेल्डिंग, टिग वेल्डिंग,लेजर बीम वेल्डिंग, इलेक्ट्रॉन बीम वेल्डिंग, अल्ट्रासाउंड वेल्डिंग, फ्रिक्शन वेल्डिंग, रेजिस्टेंस वेल्डिंग, स्पॉट वेल्डिंग, सीम वेल्डिंग, फ्लैश वेल्डिंग, ऑफसेट वेल्डिंग, प्रोजेक्शन वेल्डिंग इत्यादि।

वेल्डिंग के कई प्रकार हैं, यह मैं आपको पहले भी बता चुका हूं। लेकिन कुछ वेल्डिंग के प्रकार मैंने आपको अपने से आर्टिकल में नहीं बताए हैं।

वेल्डिंग (welding)कैसे करते हैं। या वेल्डिंग कैसे होता है।

आप वेल्डिंग करने से पहले वेल्डिंग मशीन को अच्छी तरह चेक करें। कि उसका कोई वायर वेल्डिंग मशीन से छुआ या टच तो नहीं है। अगर ऐसा होगा तो वेल्डिंग मशीन में करंट दौड़ेगा। और अगर आप वेल्डिंग मशीन को छूते हैं, तो आपको बिजली का करंट लग सकता है। जो बहुत ही घातक होता है, इससे आपकी जान भी जा सकती है। इसलिए सर्वप्रथम वेल्डिंग मशीन को चेक करें उसके बाद वेल्डिंग करें।


वेल्डिंग करने से पहले आप एक मैटल तैयार करें। कार्बाइड स्क्राइब या वुड वर्कर के साथ एक रेखा को चिन्हित करें। और मेटल को चौकसे काटें।

धातु के टुकड़े को सही स्थिति में रखें। और फिर उस पर वेल्डिंग करना शुरू करें। वेल्डिंग हो जाने के बाद वेल्डिंग समाप्त कर दें। और वेल्डिंग मशीन की सफाई करने के पश्चात अपना कार्य समाप्त कर दें।

वेल्डिंग(welding) करते समय कौन सी गैस निकलती है।

गैस की सहायता से वेल्डिंग की क्रिया एक सी होती है। लेकिन उनका विभाजन उपयोग में आने वाली गैस के अनुसार किया जाता है। यह गैसें बहुधा ऑक्सीजन और ऐसीटिलीन का मिश्रण, कॉल गैस और हाइड्रोजन आदि हुआ करती हैं। इनमें से ऑक्सीजन एसिटिलीन वेल्डन सबसे अधिक प्रचलित है।


वेल्डिंग(welding) से नुकसान।

वेल्डिंग हमारे आंखों के लिए हानिकारक साबित होता है। वेल्डिंग जब किया जाता है, तो उससे पराबैंगनी किरणें निकलती हैं। जो हमारी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक है। वेल्डिंग करते समय वेल्डिंग से चिंगारी निकलती है। और वेल्डिंग से कुछ विषैली गैसें निकलती हैं। साथ-साथ धूआं भी निकलता है। जो हमारी आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। हमारी आंखों की एक झिल्ली होती है। जो वेल्डिंग से निकली पराबैंगनी किरणों की रोशनी को सहन नहीं कर पाती है। जिसके कारण आंखों में वेल्डिंग की चमक लग जाती है। और इस वेल्डिंग की चमक से ही आंखों की झिल्ली फट जाती है। इस कारण आंख में बहुत तकलीफ रहती है। इसलिए वेल्डिंग करते समय प्रोटेक्शन लेना चाहिए। वेल्डिंग करते समय आंखों पर काला कांच या फिर वेल्डिंग हेलमेट जरूर लगाएं। जिससे हमारी आंखों का वेल्डिंग की पराबैंगनी किरणों से बचाव हो जाए। हाथ में दास्ताने पहने और तब ही वेल्डिंग करें।


वेल्डिंग (welding)करते समय सावधानियां।









वेल्डिंग मशीन से वेल्डिंग करते समय सावधानियां।

वेल्डिंग करते समय सावधानियां






वेल्डिंग करने से पहले वेल्डिंग मशीन को सूखा और हवादार रखा जाना चाहिए। वेल्डिंग मशीन को स्थानांतरित करने से पहले बिजली के तार काट देना चाहिए।


वेल्डिंग मशीन का बिजली कनेक्शन ऑफ कर देना चाहिए और इसके बाद ही वेल्डिंग मशीन को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करना चाहिए। बिजली के तारों सहित वेल्डिंग मशीन को स्थानांतरित नहीं करना चाहिए। 


वेल्डिंग करते समय अचानक बिजली की विफलता होती है तो तुरंत ही बिजली का कनेक्शन काट देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया तो कोई भी दुर्घटना घटित हो सकती है।

गीले और नवम क्षेत्र में काम करते समय वेल्डर को लकड़ी के अछूते बोर्ड पर काम करना चाहिए। वेल्डर को बिजली का तार बिल्कुल नहीं छूना चाहिए। वेल्डिंग होल्डर को गीले हाथ से नहीं पकड़ना चाहिए।


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