गमले में मेथी कैसे उगाई जाती है।

मेथी को गमले में कैसे उगाएं


गमले में मेथी उगाने के लिए सबसे पहले गमले में मिट्टी डालें। और मेथी के दाने उस मिट्टी में डालकर गमले में पानी डालें। ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। इस तरह आप अपने घर पर बहुत आसानी के साथ गमले में मिट्टी डालकर मेथी उगा सकते हैं।

गमले में मेथी उगाने का तरीकागमले मेंथी कैसे उगाई जाती है। गमले में मेथी किस तरह उगायें। आपके इन सभी सवालों का जवाब हमारे इस लेख के माध्यम से मिलने वाला है।

मेथी को घर पर गमले में कैसे उगाएं।

मेथी को घर पर गमले में उगाने के लिए गमले में मिट्टी लें और उस मिट्टी में थोड़ा पानी डालकर आधा घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद कुछ दूरी पर मेथी के बीच को गमले के अंदर डाल दें। और ऊपर से मिट्टी से ढक दें। जब तक मेथी के दानों से अंकुरित ना फूटे तब तक उसमें रोजाना पानी डालते रहें। दो से 3 दिन के अंदर मेथी के बीज अंकुरित हो जाएंगे। और 15 दिन के पश्चात मेथी की फसल भुजिया बनाने के लिए तैयार हो जाएगी। आप का गमला मेथी से हरा भरा दिखने लगेगा। गमले में मेथी उगाने का सबसे आसान तरीका आज आपको हमारे इस लेख के माध्यम से प्राप्त हुआ है। मैं आशा करता हूं कि मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको बहुत पसंद आई होगी। अगर आप भी अपने घर के गार्डन में गमले में मेथी उगाना चाहते हैं। तो आप हमारी इस पोस्ट को पढ़कर बहुत आसानी के साथ अपने घर के गार्डन में गमले में मेथी उगा सकते हैं।

मेथी की बुवाई कब की जाती है।

मेथी की खेती कैसे करें


मेथी की खेती वैसे तो सभी तरह की मिट्टी में की जा सकती है। लेकिन सबसे उत्तम मिट्टी मेथी की खेती करने के लिए जल निकास चिकनी मिट्टी मानी गई है। मेथी की खेती करने के लिए मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 होना चाहिए। मैदानी इलाकों में मेथी की बुवाई सितंबर से मार्च तक की जाती है। और पहाड़ी क्षेत्रों में मेथी की बुवाई जुलाई से लेकर अगस्त तक की जाति है।


मेथी को कैसे बढ़ाएं।

मेथी की अच्छी उपज के लिए ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है। मेथी को ज्यादातर ठंड के मौसम में उगाया जाता है। अगर आप मेथी की अच्छी उपज प्राप्त करना चाहते हैं, तो मेथी को नवंबर, दिसंबर माह में लगाना चाहिए। मेथी की फसल ऐसी फसल है, इसमें कुछ हद तक पाला सहन करने की कूवत पाई जाती है।

वातावरण में ज्यादा नमी रहने के कारण सफेद चूर्णी, चैंपा जैसे रोगों का खतरा बना रहता है। मेथी एक ऐसी सब्जी है, जो कई सारी बीमारियों में बहुत ही ज्यादा लाभदायक मानी गई है। डॉक्टर भी मेथी को खाने की सलाह देते हैं।

मेथी की फसल को कैसे बढ़ाएं। इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है। मेथी की फसल की ज्यादा उपज पाने के लिए मेथी की फसल की बुवाई नवंबर से दिसंबर माह तक की जाए। मेथी की उपज ज्यादा होगी और मेथी में बीमारी लगने का खतरा कम रहेगा।

कसूरी मेथी की खेती कैसे करें।

कसूरी मेथी खेती कैसे करें


कसूरी मेथी को अगर बीज के रूप में आप उगाना चाहते हैं, तो इसे सितंबर माह के अंत से दिसंबर माह तक बोया जाना चाहिए। लेकिन आप इसे हरी खेती के रूप में उगाना चाहते हैं। तब इसे अक्टूबर माह से मार्च तक बो सकते हैं।

मेथी की अच्छी उपज लेने के लिए नागौर इलाके में इसे ज्यादातर अक्टूबर माह से मार्च तक बोया जाता है।

कसूरी मेथी पैकेट के रूप में किराना स्टोर आदि पर बहुत आसानी से मिल जाती है। अगर आप भी कसूरी मेथी का सेवन करना चाहते हैं। तो आप कसूरी मेथी को हरी मेथी से निकाल कर अपने घर पर कसूरी मेथी बना सकते हैं। 


कसूरी मेथी से बनी सब्जी बहुत ही जायकेदार और स्वादिष्ट होती है। हरी मेथी को आप अपने घर पर उसके डंडे तोड़कर पत्ती सुखा लें। और जब मेथी की पत्ती सूख जाएं तब उसको आप किसी डिब्बे में रखकर घर पर स्टोर कर सकते हैं। और जब भी आप घर पर कुछ सब्जी बनाएं तब उसमें मेथी की सूखी पत्तियां जिसको कसूरी मेथी कहा जाता है, डाल सकते हैं। यकीनन सब्जी बहुत ही स्वादिष्ट और जायकेदार बनेगी।


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