कुंडे की नियाज़ कब है। Kunde ki faatiha kab hai 2023।

कुंडे की नियाज़ कब है, इसका अगर आपको पता नहीं है। तो हम अपने इसी लेख में आपको बताने वाले हैं। कि कुंडे की नियाज़ 2023 में 15फरवरी को है

भारत देश में गुंडों का त्यौहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। पूरे वर्ल्ड में इस त्यौहार को मुस्लिम कंट्री यों के द्वारा या जो मुस्लिम देश है, उनके द्वारा मनाया जाता है।

इस साल कुंडों का त्यौहार 15 फरवरी को मनाया जाना है। कुंडो की न्याज कब है, 2023 में।(kundo ki niyaz kab hai 2023.)

कूडों का त्योहार (kunde ka tyohar)किस के सिलसिले से मनाया जाता है।

कुंडे कब है 2023 मैं। कुंडे कब के हैं 2023 में। कुंडे की फातिहा कब हैं।

2022 में कुंडे की फातिहा कब है






कूंडो का त्यौहार हजरत इमाम जाफर सादिक रजि़ अल्लाहु अन्हु के सिलसिले से मनाया जाता है।

इस साल कुडो की नियाज़ की फातिहा 2023 में 15 फरवरी को मुकम्मल होनी है। कुंडे की नियाज़ हिजरी साल के तीसरे महीने रजब में 22 तारीख को होती है।

हिजरी साल की कैलेंडर के अनुसार तारीख तो वही रहती है।लेकिन मुस्लिम त्यौहार आगे पीछे होते रहते हैं। इस साल कुडों का त्यौहार हिजरी कैलेंडर के अनुसार ही है।लेकिन अंग्रेजी महा में यह त्योहार 15 फरवरी 2023को मनाया जाएगा।

मुसलमान इस त्यौहार (कुडों की नियाज़ की फातिहा)को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। यह त्योहार मेरे वह मुसलमान भाई मनाते हैं, जो अपनी दुआएं मांगते है। फैजुल दारुल उलूम के मुफ्ती शाहिद मियां रामपुरी बताते हैं, कि हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु के अन्हु के सदके में जिनकी दुआएं अल्लाहु रब्बुल आलमीन कुबूल फरमाता है।


वह मेरे प्यारे मुसलमान भाई कुंडे की नियाज़ कराते हैं। और कुंडा भरकर हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अनु की फातिहा कराते हैं।

हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु को मुसलमान भाई अहले सुन्नत इमाम मानते हैं। आपकी विलायत(वली होने) और करामात(चमत्कार) के एतवार से आप बहुत ही मशहूर हैं। इन की दुआओं को अल्लाहु बहुत ही जल्द कुबूल फरमाता है,और फरमाया है।

इसीलिए प्यारे मुसलमान भाई हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु के वसीले से अल्लाहु से दुआ करते हैं। और अल्लाहु उनकी दुआओं को कुबूल फरमाता है। जब उनकी दुआएं कुबूल हो जाती है।तब वह हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु लिए कुंडे की नियाज़ कराते हैं। और हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु की फातिहा कराते हैं।

हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहू अन्हु कौन है।

हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाह हू कौन है। अगर आप नहीं जानते हैं, तो हम आपको अपने इसी आर्टिकल में बताने वाले हैं। कि हजरत इमाम जाफर सादिक कौन हैं। और मुसलमान भाई इनको क्यों मानते हैं।


हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु, हजरत इमाम बाकर के पुत्र थे। महान सूफी का रुतबा रखने वाले हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु ने शारीरिक और आध्यात्मिक धरोहर का रुतबा कायम किया। 

हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्हु, पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के परिवार से थे। हदीस में आया है :-कि हजरत इमाम जाफर सादिक रजि अल्लाहु अन्ह पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के परिवार में इनके जैसा दृष्टि और बुद्धिमान कोई दूसरा ना था।

आप की(दरगाह) मजार ए मदीना जन्नत उल बकी में हैं।


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