कयामत कब और कैसे आएगी.



 

 और कैसे आएगी। कयामत क्यों आएगी, कयामत कैसी होती हैकयामत आने का कारण क्या होगा।उस कयामत आने के बाद दुनिया का क्या होगा। आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। लेकिन इससे पहले मैं अपने बारे में आपको बताता हूं।

दोस्तों "अस्सलामु आलेकुम"मैं आपका दोस्त hindi Guru वेबसाइट का फाउंडर हूं। और आज मैं अपनी    वेबसाइट पर आपके लिए कयामत से संबंधित जानकारियां लेकर हाजिर हुआ हूं। आज मैं बताऊंगा आपको कि कयामत जब नजदीक होगी या कयामत आने वाली होगी। तब उसकी क्या निशानियां होगी। और कयामत होने से क्या होगा। कयामत होने के बाद दुनिया का नक्शे हाल क्या होगा। इसके बारे में आज आपको बताऊंगा। आइए नीचे जानते हैं,कयामत किसे कहते हैं।

कयामत क्या है? कयामत किसे कहते हैं।(Qayamat kya hai?Qayamat kise kahate hain.)

कयामत क्या है, कयामत कब और कैसे आएगी। और जब कयामत आएगी तो आपका और मेरा और तमाम दुनिया में जीने वाले हर आदमी का हालात-ए-मंजर कैसा होगा। जानेंगे आप यहां पर हमारे इस आर्टिकल में।

कयामत का नाम सुनते ही आपके और हमारे मन में सबसे पहला सवाल यह आता कि आखिर कयामत क्या है।और कयामत क्यों आएगी और अगर कयामत आएगी तो कयामत आने के बाद दुनिया में क्या होगा।


कयामत क्या है?(what is Qyamat).

कयामत अरबी जुबान का लफ्ज़ है, जिसका मतलब है कायम होने वाली या पलटा देने वाली। कयामत उस दिन का नाम है।जिस दिन यह जमीन जिस पर हम रहते हैं, नेस्तोनाबूद हो जाएगी।बल्कि यह जमीन ही नहीं सारी कायनात का जर्रा जर्रा ना रहेगा। सब मिटकर नेस्तोनाबूद हो जाएंगे।

कयामत किसे कहते हैं।kayamat kise kahate hain.

जब कयामत आएगी तो दुनिया में कुछ ना रहेगा। दुनिया पर रहने वाली सारी कायनात तबाह हो जाएगी। और इस जमीन और सारी कायनात के तबाह हो जाने के बा

कयामत वाले ही दिनों में अल्लाह रब्बुल इज्जत हिसाब किताब करेगा। जिसने दुनिया में रहकर अच्छे काम और अल्लाह की इबादत की होगी उसे उसकी नेकी के रूप में जन्नत मिलेगी। और जिसने दुनिया में रहकर गीबत, चोरी, डकैती जीना,ऐसे बुरे काम करें होंगे उसे बुराई के रूप में दोजख मिलेगी।

अगर आपको बहुत ही सरल शब्दों में बताया जाए तो कयामत एक ऐसा दिन है। जिस दिन जमीनों-आसमान खत्म हो जाएंगे, तबाह हो जाएंगे।

और यह जमीनों आसमान खत्म हो जाने और तबाह हो जाने के बाद तमाम इंसानों को मैदान-ए-मैहशर में अल्लाह रब्बुल इज्जत इकट्ठा करेगा।

और मैदान-ए- मैहशर में इकट्ठा करने के बाद इंसान ने अपनी जिंदगी में जो-जो काम किए होंगे अल्लाह रब्बुल इज्जत उसका हिसाब-किताब करेगा। और जिस दिन मैदाने मैहशर में यह हिसाब किताब लिया जाएगा उसी दिन को कयामत कहते हैं।

कयामत कब और कैसे आएगी।(kayamat kab aur kaise aayegi.)

कयामत कब और कैसे आएगी, कयामत अल्लाह रब्बुल इज्जत की तरफ से आएगी। और कयामत को लाने के लिए खुद इंसान जिम्मेदार होगा। कयामत कब आएगी इसकी कुछ तारीख मुकर्रर नहीं है। 

लेकिन इस्लाम की मुकद्दस किताब कुरान यह कहता है, कि जब कयामत आएगी तो उसकी कुछ निशानियां कयामत आने से पहले नजर आएंगी। वह निशानियां क्या है, हम आपको बताते हैं। कयामत जब नजदीक होगी तब मुसलमानों की मुकद्दस किताब कुरान शरीफ के हुरूफ कयामत आने से 40 दिन पहले गायब हो जाएंगे। ताकि जब कयामत आए तो उस मुकद्दस किताब की बेअदबी ना हो।

जब तक दुनिया में अल्लाह को मानने वाला यानी कि अल्लाह के नबी हजरत करीम नबी सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम पर ईमान वाला एक भी आदमी जिंदा होगा,तब तक कयामत नहीं आएगी।

याजूज माजूज जो शैतान है, उनको एक लोहे और तांबे की दीवार में चुनवा दिया गया है। और वह उस दीवार को चाटते रहते हैं। और जब वह दीवार चाटते हैं तो वह  पतली हो जाती है।लेकिन जब मस्जिद में अजान होती है, और उस अजान की आवाज उनके कानों तक पहुंचती है तब वह हट जाते हैं। 

और यह कहकर हटते हैं, कि आप कल इसको चाटेंगे। जिस दिन उनके मुंह से यह यह शब्द निकलेगा कि इंशाल्लाह अब कल चाटेगें।तब वह उस दीवार को चाटकर खत्म कर देंगे। और वह बाहर निकल कर सब नेस्तनाबूद करेंगे। पहाड़ों को रुई की तरह समझ कर फेंक देंगे। जो भी उनके सामने आ जाएगा उसको खा जाएंगे। 

दुनिया में हर जर्रे जर्रे को खत्म करते चले जाएंगे। लेकिन एक हदीस में यह बताया गया है, कि याजूज माजूज के कौम में एक ऐसा बच्चा पैदा होगा जो यह काम करते वक्त यह कहकर अपने काम को खत्म करेगा कि अब रहने दो इंशा अल्लाह कल चाटेंगे। तब याजूज माजूज उस दीवार को फतह कर पाएंगे। और तब ही कयामत आएगी।

कयामत तब नजदीक होगी जब दुनिया में गरीब-फकीर लोग जो होंगे वह अमीर हो जाएंगे।और ऊंची ऊंची इमारतें बनाएंगे और जो अमीर लोग होंगे वह गरीब हो जाएंगे। तब कयामत नजदीक होगी।

दुनिया में दो बेटियां होंगी वह मां के ऊपर हावी होंगी और बेटा बाप के ऊपर हावी होगा। कयामत के नजदीक होने की यह भी एक निशानी है।

दुनिया में मर्द और औरत ऐसे लिबास पहनेंगे कि पहचानना मुश्किल होगा। कि सामने वाला औरत है या मर्द है। मर्द का लिबास औरत पहनेगी और औरत का लिबास मर्द पहनेगा।

दुनिया में जीनाखोरी, चोरी,सूदखोरी और कत्लेआम ऐसे आम हो जाएगा कि इंसान ही इंसान को काटेगा। और इंसान की मौत की खबर ऐसे सुनने को मिलेगी कि कुछ देर पहले पता था कि यह इंसान जिंदा है और कुछ पलों के बाद यह खबर मिलेगी कि वह मर गया है। यह भी एक निशानी है कयामत के नजदीक होने की।

दुनिया में जब जिनाहखोरी ज्यादा होने लगेगी और औरत खुद मर्द के पीछे भागेगी कि मेरे साथ हमबिस्तरी करो तब कयामत बहुत ही नजदीक होगी।

अल्लाह रब्बुल इज्जत ने दुनिया मैं इंसानों को बहुत ही खूबसूरत बनाया था। लेकिन आज का इंसान अपने एमालो  के साथ इतना बुरा हो चुका है, कि अल्लाह उससे नाराज होता है। 

अल्लाह रब्बुल इज्जत ना दुनिया में मर्द और औरत दोनों को बनाया। और अल्लाह रब्बुल इज्जत ने दुनिया आगे बढ़ाने के लिए हर मर्द और हर औरत को आपसी शारीरिक जरूरत के लिए जरिया पैदा किया। और उसी वजह से दुनिया आगे बढ़ी। 

लेकिन एक वक्त ऐसा आएगा कि हर औरत और हर मर्द अपने शारीरिक सुख पाने के लिए मर्द मर्द की जरूरत और ख्वाहिश को पूरा करेगा और औरत औरत की जरूरत और ख्वाहिश को पूरा करेगी। और दुनिया में बहुत ही ज्यादा गुन्हा होने लगेंगे।

तब अल्लाह रब्बुल इज्जत हजरत इशराफील को हुकुम देंगे के जाओ दुनिया में जाकर शूर फूंक दो। हजरत इशराफील जो शूर फूंकेंगे वह इतना खतरनाक होगा। उसकी इतनी दहशत होगी, और इतनी बुलंद आवाज होगी। और डरावनी आवाज होगी कि लोग डरकर उस आवाज से  भागेगें।पहाड़, पेड़,पौधे, जमीन सब तहस-नहस हो जाएगा। और दुनिया नष्ट हो जाएगी, दुनिया खत्म हो जाएगी।तब वह कयामत कहलाईगी।



 

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