गेहूं काटने का देसी जुगाड़ स्काइथ(Scythe)।

गेहूं काटने का देसी जुगाड़


गेहूं की खेती पूरे संसार के हर भाग में होती है। गेहूं की खेती संसार की 25% भूमि पर की जाती है। गेहूं की खेती एक विश्वव्यापी खेती है अर्थात गेहूं की पूरे संसार को जरूरत है। इसलिए संसार के सभी प्रायद्वीप में गेहूं उगाया जाता है। पूरे संसार में ज्यादा गेहूं उगाने वाले 3 राष्ट्र हैं, जहां पर सबसे ज्यादा गेहूं पाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत,रशियन फेडरेशन और चीन। गेहूं उत्पादन में चीन के बाद भारत का उपक्रम आता है।

गेहूं की फसल के लिए भूमि का चयन।

गेहूं की फसल बोने के लिए सर्वप्रथम उपजाऊ भूमि का चयन करें। वैसे तो गेहूं हर प्रकार की मिट्टी में हो जाता है लेकिन इसके लिए सबसे अच्छी मिट्टी 2 मिनट से भारी 2 मिनट और जलोढ़ मिट्टी होती है। जल निकास की उचित व्यवस्था होने पर मटियार दोमट और काली मिट्टी में भी गेहूं की फसल उगाई जा सकती है। कपास के काली मृदा में सिंचाई की आवश्यकता गेहूं की फसल में कम पड़ती है। भूमि का पीएच मान 5 से 7.5 के बीच हो तो फसल के लिए अच्छा रहता है। क्योंकि अधिक क्षारीय एवं अम्लीय भूमि गेहूं की फसल के लिए उपयुक्त नहीं है।

गेहूं की फसल के लिए खेत की तैयारी।

गेहूं की फसल के लिए एक अच्छे भुरभुरी मिट्टी की आवश्यकता होती है। समय पर खेत की जुताई एक अच्छे नमी संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जब हम किसी फसल की बुवाई के लिए खेत की तैयारी कर रहे हैं। तो हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि खेत बुवाई के समय खरपतवार मुक्त हो।

जब खेत की जुताई कराएं तो मिट्टी पलटने वाले हल से कराएं और उसके बाद डिस्क हैरो कल्टीवेटर से दो-तीन जूताईयां कराकर मिट्टी को समतल भुरभुरा बना ले। डिस्क हैरो से जुताई कराने पर धान के ढूंठे कट कर छोटे छोटे हो जाते हैं। उन्हें शीघ्र कराने के लिए खेत में 20 से 25 किलो यूरिया खाद डाल दें। यह बहुत ही जल्द ही उनको सड़ा देगा। उपरोक्त शर्ते पूरी करने के बाद आपका खेत पूर्ण रूप से बुवाई के लिए तैयार हो जाता है।

गेहूं की बुवाई का सबसे अच्छा तरीका

गेहूं की बुवाई समय पर एवं खेत में पर्याप्त नमी होने पर करनी चाहिए नहीं तो उपज में कमी हो जाती है। जैसे जैसे गेहूं की बुवाई करने में देरी होती है वैसे वैसे ही गेहूं की उपज में कमी आती जाती है। गेहूं की बुवाई सीडड्रिल से करनी चाहिए एवं लाइन में करनी चाहिए।

गेहूं की संयुक्त प्रजाति की बुवाई अक्टूबर के शुरुआत और आखिर तक पर्याप्त नमी मैं करनी चाहिए।

समय पर गेहूं की बुवाई होने के बाद अब बात आती है गेहूं की सिंचाई की। गेहूं में समय पर पानी देना चाहिए। गेहूं की फसल में चार से पांच पानी देनी चाहिए। गेहूं को पानी की कम आवश्यकता होती है लेकिन धान के मुकाबले गेहूं बहुत कम पानी लेता है। अच्छी उपज के लिए खेत में नमी होना जरूरी है।

गेहूं के लिए उर्वरक की मात्रा।

जो हमारे किसान भाई हैं उन्हें उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण के आधार पर करना चाहिए। गेहूं की अच्छी उपज के लिए खरीफ की फसल के बाद भूमि में डेढ़ सौ किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फोरस, तथा 45 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर करनी चाहिए। और अगर देर से बुवाई की है तब इस स्थिति में 70 किलोग्राम नाइट्रोजन और 50 किलोग्राम फास्फोरस एवं 35 किलोग्राम पोटाश, 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गोबर की सड़ी खाद का प्रयोग अच्छी उपज के लिये चाहिए।

गोबर की साड़ी खाद की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा तथा पोटाश की पूरी मात्रा खेत की तैयारी के समय डालनी चाहिए।

और नाइट्रोजन की आधी मात्रा सिंचाई के वक्त एवं शेष बची मात्रा दूसरी सिंचाई के वक्त डालनी चाहिए।

अब बात आती है गेहूं की फसल तैयार होने पर इसको काटा किस प्रकार जाए। तो हम आपको आज ऐसा गेहूं काटने का देसी जुगाड़ बताएंगे जिससे आप बहुत आसानी के साथ और कम वक्त में गेहूं काट सकते हैं। 

गेहूं काटने का देसी जुगाड़।

गेहूं काटने का देसी जुगाड़।


आज हम आपके लिए एक ऐसा देसी जुगाड़ लेकर आए हैं जिसकी मदद से आप कम वक्त में ज्यादा गेहूं की कटाई कर सकते हैं। आपके गेहूं की फसल मैं नुकसान भी बहुत कम होगा कटाई के दौरान अगर आप गेहूं काटने का यह देसी जुगाड़ बनवा कर प्रयोग करते हैं तो। गहू काटने के इस देश में जुगाड़ को आप अपने नजदीक में किसी वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाकर बहुत आसानी के साथ बनवा सकते हैं। गेहूं काटने के देसी जुगाड़ का साइंस यानी कि वैज्ञानिक नाम स्काइथ है।

गेहूं काटने के इस देसी जुगाड़ को बनवा कर आप बहुत कम समय में ज्यादा गेहूं की कटाई कर सकते हैं और अपना कीमती वक्त बता सकते हैं। यह देखने में बहुत ही साधारण सा लगता है लेकिन काम बहुत बड़े करता है अगर आपको हमारी बताई गई बात पर भरोसा नहीं है तो आप उसको एक बार बनवा कर गेहूं की कटाई करके देख सकते हैं और इसको बनवाने में बहुत ज्यादा खर्च नहीं आता मात्र 1110 रुपए में बनकर यह तैयार हो जाता है।

गेहूं काटने का देसी जुगाड़ बहुत ही अच्छा कृषि यंत्र है। इस यंत्र को देखकर वैज्ञानिक भी हैरान है। यह यंत्र एक मामूली से छोटे से किसान ने बनाया है।और इस पर एक वीडियो भी बनाई गई है।जिसको देखकर लोग हैरान है। यह वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। और इस वीडियो पर 100 मिलियन से ज्यादा view है।

ऊपर तस्वीर में आप देख सकते हैं कि गेहूं काटने का देसी जुगाड़ वाला यंत्र कैसा दिखता है। इस तस्वीर के माध्यम से आप इस यंत्र को अपने नजदीकी वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाकर बहुत आसानी के साथ कम कीमत पर बनवा सकते हैं। यह यंत्र ऑनलाइन भी मंगाया जा सकता है लेकिन ऑनलाइन मंगाने का इसका खर्चे ज्यादा है इसलिए आपको सलाह देता हूं कि इस यंत्र को आप किसी नजदीकी वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाकर बनवा सकते हैं वहां पर इसका खर्च मात्र 11 से 12 सो रुपए लगभग आएगा।

और आपका गेहूं काटने का देसी जुगाड़ यंत्र तैयार हो जाएगा। मैं आपको ऊपर भी बता चुका हूं कि यह यंत्र ऐसा यंत्र है कि जो बहुत कम समय में आप ज्यादा कटाई कर सकते हैं और अपना कीमती बचा सकते हैं।

दोस्तों अगर आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई हो तो प्लीज मेरी इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ऐसी ही पोस्ट लेकर मैं और आपके लिए हाजिर होता रहूंगा तब तक के लिए धन्यवाद।

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