बकरा ईद 2022 में कब है।bakra eid 2022 me kab hai in hindi.

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Bakra eid 2022 me kab hai in hindi. बकरा ईद 2022 में कब है। 

2020 में बकरा ईद कब है


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बकरा ईद का त्यौहार मुसलमानों के लिए ऐसा त्यौहार है। जो 3 दिनों तक मनाया जाता है। इस त्यौहार को छोड़कर मुसलमानों के लिए कोई भी ऐसा त्यौहार नहीं है जो 3 दिनों तक मनाया जाए। बकरा ईद ही मात्र एक ऐसा त्यौहार है जो 3 दिनों तक हर मुसलमान के घर पर मनाया जाता है। मुसलमान इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। बकरा ईद 3 दिनों तक मनाई तो जरूर जाती है लेकिन पूरे भारतवर्ष में भारत सरकार द्वारा इसकी सरकारी छुट्टी मात्र 1 दिन की होती है। इस बार भारत में बकरा ईद की सरकारी छुट्टी किस तारीख को है। अगर आप पोस्ट को पूरा पढ़ेंगे तब आप जान जाएंगे।

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बकरा ईद 2022 में कितनी तारीख को है 2022 में बकरा ईद कब है ईद उल अजहा 2022 में कब है आपके इन सभी सवालों का जवाब हम आपको अपने इस पोस्ट में देने वाले हैं। आर्टिकल को पूरा पढ़ें इंटरनेट पर इतनी सटीक जानकारी आपको कहीं नहीं मिलेगी जो हमारी वेबसाइट पर आपको दी जाती है।

बकरा ईद 2022 में 10 और 11 जुलाई 2022 को संपूर्ण भारत में होने की संभावना है। संभावनाएं इसलिए क्योंकि बकरा ईद या सिबंई वाली छोटी ईद चांद की तारीख के हिसाब से होती है। लेकिन एक बात जरूर है, बकरा ईद की तारीख चांद देखने पर मुकर्रर हो जाती है। क्योंकि यह चांद की 10 तारीख को मनाई जाती है। इसलिए इसका पूरा पक्का पता हमें चांद की 1 तारीख को चलेगा। लेकिन हमने जो 10 और 11 जुलाई की तारीख बतायी है यह 99% सही होने की संभावना है। इसलिए मैं एक बार आपसे फिर कहूंगा कि हमारे द्वारा बताई गई तारीख को आप हल्के में ना लें।

चांद की तारीख के हिसाब से कब है 2022 में बकरा ईद।

चांद की तारीख के हिसाब से 2022 में बकरा ईद कब है। हमारे इस सिस्टम के माध्यम से आप जानने 2022 में बकरा ईद की तारीख के साथ कब पड़ रही है।

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार जुअल कादा महीने की 10 तारीख को बकरा ईद मनाई जाती है। जो ईद उल फितर के लगभग 70 दिनों बाद मनाई जाती है। 

ईद उल फितर का चांद शाम को देखकर अगली सुबह को ईद उल फितर ईद मनाई जाती है। बकरा ईद में चांद 10 दिन पहले दिख जाता है और चांद की दस तारीख को बकरा ईद मनाई जाती है।

बकरा ईद को कितने नामों से जाना जाता है।

रमजान समाप्त होने के बाद ईद उल फितर ईद मनाई जाती है। और इसके  लगभग 70 दिनों के बाद में बकरा ईद मनाई जाती है। जिसको हम कई नामों से जानते हैं। ईद-उल-जुहा बकरा ईद वा बड़ी ईद आदि नामों से जानते हैं। इंटरनेट पर लोग बकरा ईद को ईद उल अजाह और कुर्बानी की ईद वा बकरा ईद और इंग्लिश में ईद उल आधा से जाना जाता है।

बकरा ईद क्यों मनाई जाती है? बकरा ईद मनाने का क्या कारण है।

बकरा ईद क्यों मनाते हैं।


बकरा ईद मनाने के पीछे एक वाक्या जुड़ा है।ईद उल जुहा का मतलब है कुर्बानी (बली ) देना। बकरा ईद मना ले के पीछे एक खास बजाह है। और इसी वजह से आज पूरे भारतवर्ष में मुस्लिम लोग कुर्बानियां करते हैं और ईद उल जुहा को बड़ी ही धूमधाम से 3 दिन तक मनाते हैं।

अल्लाह के नबी हजरत इब्राहीम से जुड़ा एक मामला है जिसकी वजह से ईद उल जुहा का त्योहार मनाया जाता है। जब हजरत इब्राहिम स रहे थे उस वक्त उन्हें एक ख्वाब नजर आया जिसमें अल्लाह फरमाता है कहे इब्राहिम मेरी राह में कुछ कुर्बान कर।

अगले दिन हजरत इब्राहिम सो कर उठे और और एक जानवर ले जाकर उसकी कुर्बानी कर दी। अल्लाह ने उनका इम्तिहान लेने के लिए वह कुर्बानी कुबूल नहीं की और फिर अगले दिन उनके सपने में अपनी राह में कुछ खास कुर्बान करने के लिए कहा। हजरत इब्राहीम ने अगले दिन भी ऐसा ही किया और एक बकरी ले जाकर अल्लाह की राह में कुर्बान कर दी। अल्लाह ताला की तरफ से फिर हजरत इब्राहीम को एक ख्वाब नजर आया उस ख्वाब में अल्लाह ताला ने हजरत इब्राहीम से कहां के ऐ इब्राहिम जो तुझे सबसे ज्यादा अजीज और प्यारी चीज हो वह मेरी राह में कुर्बान कर।

अगले दिन जब हजरत इब्राहीम सो कर उठे और उन्हें वह सपना याद आया जो ने पिछली रात देखा था। तब उन्हें कुछ और समझ ना आया और उन्होंने सोचा के सबसे अजीज और प्यारी चीज तो मेरे लिए मेरा बेटा स्माइल है। हजरत इब्राहीम ने अपने प्यारे बेटे इस्माइल को नहला धुला कर तैयार करके अपने साथ पहाड़ पर ले गए। पहाड़ पर ले जाकर प्यारे बेटे लख्ते जिगर इस्माइल की आंख पर काली पट्टी बांधी। 

और अपनी आंख पर भी पट्टी बांधकर इस्माइल की गर्दन पर तलवार चला दी। जैसे ही हजरत इब्राहिम की तलवार उनके प्यारे बेटे इस्माइल की गर्दन को छूने वाली थी। उसी वक्त अल्लाह ताला ने हजरत इस्माइल को दुनिया पर दुंबा लेकर भेजा। और हजरत इब्राहिम की तलवार उनके प्यारे बेटे इस्माइल की गर्दन की वजाये दुंबे की गर्दन पर चल गई। तभी से मुसलमान भाई जानवर की कुर्बानी करने लगे। इसलिए बकरा ईद का त्यौहार मनाया जाता है।


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