किछौछा शरीफ में किसकी दरगाह है, किछौछा शरीफ की दरगाह को किस नाम से जाना जाता है। इन सभी मुद्दों पर बात करने के लिए आज हम  यह आर्टिकल पब्लिश कर रहे हैं। 

किछौछा शरीफ में किसकी मजार है


और आप हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से बहुत अच्छी तरह से जान जाएंगे कि किछौछा शरीफ में किसकी दरगाह है। और इस दरगाह यानी कि किछौछा शरीफ की दरगाह का इतिहास हिंदी में आज हम आपको बताने वाले हैं।

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2022 में ग्यारहवीं शरीफ कब है।

किछौछा शरीफ किस लिए जाना जाता है। किछौछा शरीफ को प्रसिद्ध सूफी संत सईद मखदम शाह जहांगीर अशरफी की दरगाह के रूप में जाना जाता है। किछौछा शरीफ जहांगीर अशरफी की दरगाह के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इनकी दरगाह पर दूर-दराज से लोग दुआएं और मन्नतें मांगने आते हैं और इंशा अल्लाह इनकी दरगाह पर आकर हवा डवा वाले मरीज ठीक हो जाते हैं।

किछौछा शरीफ में लोग जहांगीर अशरफी की दरगाह पर इसलिए आते है। सैयद मखदम शाह जहांगीर अशरफी का जन्म ईरान के सेमन में हुआ था। जहांगीर अशरफी ने बहुत ही अच्छे से चिश्ती वंश की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया था। प्रसिद्ध सूफी संत जहांगीर अशरफी ने शांति का संदेश फैलाने के लिए नंगे पैर पैदल यात्रा की थी।

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किछौछा दरगाह शरीफ एक छोटे से तट पर बनाया गया है। जो तालाबों से चारों ओर से घिरा हुआ है। दरगाह का पूरा परिसर संगमरमर टाइल्स और चश्मे से सजाया गया है।

दरगाह की खूबसूरती देखने लायक है। दरगाह देखने में इतनी सुंदर लगती है, कि अगर दरगाह को कोई एक बार देखे तो बार-बार देखने का मन करता है।किछौछा शरीफ की दरगाह की तरफ  लोग इसकी खूबसूरती देखकर आकर्षित होते है।

मेरे प्यारे दोस्तों अब मैं आपको यह बताऊंगा कि यह किछौछा शरीफ की दरगाह कहां किस जगह पर पड़ती है। इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी दूंगा। किछौछा शरीफ की दरगाह अंबेडकरनगर में एक जगह है किछौछा शरीफ जो हजरत सैयद मखदूम शाह जहांगीर अशरफ अली की दरगाह की वजह से जानी जाती है।

मेरे प्यारे दोस्तों उम्मीद करता हूं कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए काफी हेल्पफुल होगी। अगर मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो प्लीज मेरी इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

 

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