बदायूं के छोटे बड़े सरकार की दरगाह की जानकारी हिंदी में,- Chhote bade sarkar ki dargah badayun in hindi.

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दरगाह छोटे- बड़े सरकार बदायूं शरीफ।



मेरे प्यारे दोस्तों आज हम आपको दरगाह छोटे बड़े सरकार बदायूं शरीफ के बारे में विस्तार से बताएंगे। हमारे इस आर्टिकल में बहुत अच्छे से बताया गया है कि हजरत छोटे सरकार और बड़े सरकार की दरगाह कहां है। वैसे तो ऊपर हमारे शीर्षक में साफ-साफ आपको नजर आ रहा है, कि हजरत छोटे बड़े सरकार की दरगाह किस शहर में स्थित है।

लेकिन फिर भी हम आपको बहुत अच्छे और आसान शब्दों में आपको हजरत छोटे बड़े सरकार की दरगाह के बारे में बताएंगे। क्योंकि प्यारे दोस्तों इस दुनिया में सभी तरह के लोग रहते हैं। जिनको जानकारी नहीं है, कि हजरत छोटे बड़े सरकार की दरगाह कहां है। तो यह पोस्ट उनक लिए बहुत ही जानकारी वाली साबित होने वाली है।

आपने देखा होगा अक्सर लोग इंटरनेट के माध्यम से गूगल पर सर्च करते रहते हैं की बड़े सरकार की दरगाह कहां है,छोटे सरकार की दरगाह कहां है, छोटे बड़े सरकार कौन हैं। और उनकी दरगाह कहां पर है,इस तरह के अपने सवाल गूगल पर सर्च करते रहते हैं। आज की हमारी यह पोस्ट उन्हीं लोगों के लिए लिखी गई है। जिनको यह मालूम नहीं है, कि छोटे बड़े सरकार की दरगाह कहां स्थित है। तो आइए जानते हैं, कि हजरत बड़े  सरकार और छोटे सरकार की दरगाह कहां है।

बड़े सरकार का पूरा नाम क्या है।

हजरत बड़े सरकार कौन है और उनका पूरा नाम क्या है आज आप जानेंगे इस आर्टिकल में।हजरत बड़े सरकार अल्लाह के वली हैं। इनको हिंद में बहुत ही आला मुकाम हासिल है।

हजरत बड़े सरकार का पूरा नाम हजरत सुल्तान आफरीन है। इनका जन्म सन 1215 ईस्वी में यमन में हुआ था। यह अरब के शाही खानदान से ताल्लुक रखते थे। जहां पर इनके आराम और सुखदाई जीवन जीने के अनेक साधन उपलब्ध थे लेकिन फिर भी इन्होंने अपना सुखदाई और सुकून का जीवन छोड़कर फकीरी जीवन जीना ज्यादा बेहतर समझा। हजरत बड़े सरकार यानी के हजरत सुल्ताना प्रेम अपने आराम चैन की जिंदगी छोड़कर अरब से हिंदुस्तान कूच कर गए।

हिंदुस्तान आकर हजरत सुल्तान आफरीन ने बदायूं मैं अपना डेरा एक सुनसान जगह स्थापित किया। अगर आप कभी बधाई हो गए हैं तो आपने देखा होगा कि वही सुनसान जाऊंगा आज इतनी भीड़ भाड़ रहती है कि पैर रखने की जगह भी बहुत ही मुश्किल से मिलती है। जिसको कभी सिर्फ और सिर्फ बदायूं के नाम से ही जाना जाता था। आज जब हजरत सुल्तान आफरीन की  दरगाह बदायूं शहर में स्थापित की गई तब से उस शहर को बदायूं शरीफ के नाम से जाना जाता है।

बड़े सरकार के बारे में मान्यता।

हजरत बड़े सरकार यानी कि हजरत सुल्तान आफरीन के बारे में मान्यता है कि एक बार हजरत बड़े सरकार के पास एक ऐसा व्यक्ति तशरीफ ला या जिसका आधा जिस्म पत्थर का हो गया था। 

और वह व्यक्ति अपने शरीर को देखकर बहुत ही ज्यादा निराश और उदास था। जब उसको पता चला के बदायूं शहर के एक जंगल में उस फकीर बाबा रहते हैं। 

तब वह व्यक्ति दिखाने के लिए उनके पास चला आया। हजरत बड़े सरकार ने जब उस मरीज के जिस्म की और अपने नजरें मुबारक से देखा तो वह मरीज जिसका आधा जिस्म पत्थर का दान आपके नज़रे मुबारक की एक झलक से ही उसके जिस्म का पत्थर मोम होकर पिघलने लगा। 

और वह मरीज पूरी तरह से ठीक हो गया।और इस तरह हजरत बड़े सरकार का शुक्रिया अदा कर  वह अपने घर की ओर रवाना हो गया। अब आप समझ गए होंगे कि हजरत बड़े सरकार कितने करामाती हैं, आपके इन्हीं करामातों की वजह से हिंदुस्तान में आपका आला मुकाम है।

हजरत छोटे सरकार बदायूं शरीफ।

हजरत छोटे सरकार बदायूं शरीफ के बारे में आप हमारे आर्टिकल में जानेंगे। हजरत छोटे सरकार बड़े सरकार सुल्तान आफरीन के छोटे भाई थे। जैसा कि आप शायद ऊपर पढ़ चुके होंगे कि हजरत बड़े सरकार यानी हजरत सुल्तान आफरीन की रूची पढ़ाई लिखाई में नहीं थी। आपको अधिक प्रेम धार्मिक बातों से था। हजरत छोटे सरकार भी हजरत बड़े सरकार की तरह घर छोड़कर इधर उधर काम किया करते थे। और इनके जीवन में भी एक दिन ऐसा आया जब भी एक घर छोड़कर हिंदुस्तान बदायूं आ गए। यहां पर इन्होंने भी लोगो का इलाज करना शुरू कर दिया।

लोगों का इलाज करते करते छोटे सरकार की जिंदगी में 1 दिन ऐसा आया कि छोटे सरकार इस दुनिया को छोड़ कर हमेशा हमेशा के लिए शहीद हो गए। और यहीं पर लोगों ने इनको दफनाया और इनकी जारत बनवाई आज इनकी दरगाह पर लाखों की तादात में अकीदतमंद आते हैं।

छोटे सरकार का पूरा नाम क्या है।

हजरत छोटे सरकार का पूरा नाम क्या है। आज हम आपको हजरत छोटे सरकार का पूरा नाम क्या है इसके बारे में जानकारी अपने इस आर्टिकल में देंगे।

शायद आप लोग सभी जानते होंगे कि हजरत सुल्तान आफरीन जिनको बड़े सरकार के नाम से जाना जाता है हजरत सुल्तान बदरुद्दीन उर्फ छोटे सरकार उनके छोटे भाई हैं।

यह सुल्तान उल आरफीन के सबसे प्यारे शिष्य थे। छोटे सरकार की रुचि भी बचपन से ही धार्मिक विश्व में थी इसलिए छोटे सरकार बड़े सरकार की तरह ही अपने घर की सुख और अमन की जिंदगी छोड़ कर बदायूं चले आए थे।

छोटे सरकार के बारे में मान्यता।

छोटे सरकार के बारे में मान्यता है- एक मर्तबा दो लोग उनके पास आए और उन्होंने छोटे सरकार को अपने पास कुछ सोना दिखाया और कहा की हम लोग आपकी करामात को तब जानेंगे जब आप हमारे सोने को दुगना कर देंगे।

इतना सुनने  के बाद हजरत बदरुद्दीन आरफीन ने उन लोगो से कहा कि ये सोना जो आके पास है इसको कुंए में डाल दो। हजरत  बद्दरूदीन आरफीन या छोटे सरकार की बात मानकर उन लोगो ने सोने को पानी के कुंए में डाल दिया।

उसके बाद छोटे सरकार ने उन लोगो से कुंए से एक - एक बाल्टी पानी की भरकर मंगवाई।और उस बाल्टी को कुछ देर के लिए रख दिया।कुछ समय बीत जाने के बाद हजरत छोटे सरकार ने उन लोगो से बाल्टी को देखने के लिए कहा।बाल्टी देखकर वह लोग हजरत के पैरों के गिर गए।उन लोगो ने बाल्टी को जब रखा था तो बाल्टी पानी से भरी थी।लेकिन बाल्टी को कुछ देर रखने के बाद जब उन लोगो ने बाल्टी को देखा तो वह पूरी सोने से भरी थी।

अब आप समझ गए होंगे कि छोटे सरकार की करामात  ज़िंदी करामात है। छोटे सरकार,बड़े सरकार की तुलना में अधिक जलजलाली है।

छोटे सरकार की दरगाह पर रूहानी मरीज बहुत आते है।अपने चालीस दिन का रूहानी चिल्ले का कोर्स करके चले जाते है।अल्लाह के हुक्म से छोटे सरकार की दरगाह पर इस तरह के मरीज बहुत जल्द ही ठीक हो जाते है।अल्लाह  ने ऐसी ताकत हमारे छोटे सरकार को आता फरमाई है।

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