दरगाह हजरत साबिर ऐ पाक पिरान कलियर शरीफ।dargah hazrat sabir-e-paak puraan kaliyar Shareef in hindi.

हजरत साबिर ऐ पाक पिरान कलियर की दरगाह कहां है



पिरान कलियर शरीफ में मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियरी की दरगाह है। हजरत ए साबिर पाक पिरान कलियर शरीफ 13बीं शताब्दी के सूफी संत है। हजरत ए साबिर पाक को पूरी दुनिया में हजरत ए साबिर पाक साबिर, साबिर पिया कलियरी, साबिर ऐ पाक पिरान कलियर शरीफ आदि नामों से जाना जाता है। हजरत ए साबिर पाक को करामतों के लिए भी जाना जाता है। आप इतने जलाली और इतने गुस्से वाले थे कि अगर किसी को नजरे करम से देखलें तो वह जलकर राख हो जाता था। आइए कुछ शीर्षकों के माध्यम से जानते हैं हजरत ए साबिर पाक कलियरी के बारे में।

 

              Table of content.


      1. हजरत साबिर पाक कौन है।hazrat              sabir paak koun hai in hindi.

      2. हजरत साबिर पाक की दरगाह कहां   है।hazrat sabir paak ki dargah kahan hai in hindi.

      3. हरिद्वार से कलियर की दूरी कितनी है।haridwar se kaliyar ki doori kitni hai in hindi.

      4. रुड़की से कलियर की दूरी कितनी है।rudki se kaliyar ki doori kitni hai in hindi.


1. हजरत साबिर पाक कौन है।hazrat sabir paak koun hai in hindi.

आपकी जानकारी के लिए दोस्तों बता दें कि हजरत साबिर पाक कौन है। वैसे तो मेरे जो इस्लामी भाई हैं वो इस बात को बहुत ही अच्छे से जानते हैं, कि हजरत ए साबिर पाक का क्या मर्तबा है इस्लाम में। लेकिन जो भाई हमारे इस्लाम से ताल्लुक नहीं रखते हैं और उनको इस बात का मालूमात नहीं है कि हजरत साबिर पाक कौन है। आज वह हमारा यह आर्टिकल पढ़कर समझ जाएंगे कि हजरत ए साबिर पाक कौन है,और उनका क्या मर्तबा है इस्लाम में।

हजरत ए साबिर पाक 13बीं शताब्दी के एक ऐसे अल्लाह के वली हैं, जो बहुत ही जल जलाली यानी कि गुस्से वाले थे। यह हजरत बाबा फरीद गंज शकर के भांजे थे। इनके जलजला ली और गुस्से होने के ऊपर इस्लाम में  एक वाकिया बहुत ही ज्यादा फेमस है।


(1.) जब हजरत ए साबिर पाक की वालिदा ने अपने भाई हजरत बाबा फरीद गंज शकर से साबिर पाक की शादी के बारे में बात की और उनसे अपनी भांजी यानी कि हजरत बाबा फरीद गंज शकर की लड़की को अपने घर की बहू बनाने के लिए कहा। तब इस पर हजरत बाबा फरीद गंज शकर ने अपनी बड़ी बहन यानी कि हजरत साबिर पाक की वालिदा से कहा कि बहन साबिर बहुत गुस्से वाला है। वह शादी ना ही करें तो अच्छा है। लेकिन आपकी वालिदा नहीं मानी और आपकी शादी अपने भाई हजरत बाबा फरीद गंज शकर की लड़की से करा दी। शादी की पहली ही रात को जब आपकी शरीके हयात आपकी पत्नी आपको अपना मुंह दिखाने के लिए जिद करने लगी। आप इतने गुस्से वाले थे कि आपने उनकी तरफ जब नजर उठा कर देखा तो एक पल में आपकी बीवी आपकी नजरें मुबारक से जलकर राख हो गई।


(2.) यह दूसरा वाक्या हजरत साबिर पाक के सब्र को दर्शाता है। हजरत साबिर पाक कलियरी की वालिदा आपको उस समय हजरत बाबा फरीद गंज शकर के यहां छोड़ कर आई थी। जब आपके यहां पर बहुत ही ज्यादा तंगी थी। हजरत बाबा फरीद गंज शकर जिनके यहां लंगर हुआ करता था। बहुत ऐहले माल थे, आपकी वालिदा ने अपने भाई बाबा फरीद गंज शकर से कहा कि भाई साबिर को मैं तुम्हारे यहां लंगर पर छोड़ कर जा रही हूं।यहां साबिर जब लंगर पर रहेगा तब कुछ खा पी कर मोटा ताजी हो जायेगा। बाबा फरीद गंज शकर ने कहा हां बहन मैंने कब मना किया है,साबिर को आप लंगर पर छोड़ दें। 


साबिर लंगर करने पर लग गए। हजरत साबिर पाक को इतना सब्र था वह बाहर नहीं रहते थे वह अपने हुजरे में ही रहते थे जब लंगर की तैयारी पूरी हो जाती थी साबिर अपने हुजरे से बाहर निकलते लंगर करते और फिर हुजरे में वापस चले जाते। लगभग 12 वर्ष बीत जाने पर जब आपकी वालिदा आपको देखने के लिए अपने भाई हजरत बाबा फरीद गंज शकर के यहां पहुंचती हैं।तो देखती है कि साबिर एकदम लकड़ी की तरह सूखे आपके सामने हाजिर होते हैं। यह देखकर आपकी वालिदा ने अपने भाई बाबा फरीद गंजे शकर से कहा कि भाई मैं तो साबिर को लंगर पर छोड़ कर गई थी कि साबिर यहां रहकर आपके पास कुछ खाकर मोटा ताजी हो जाएगा यह तो आज बिल्कुल लकड़ी की तरह हो गया है। हजरत बाबा फरीद गंज शाकर ने साबिर कलियरी से पूछा के साबिर यह क्या हाल बनाया है आपने। मैंने तो आपको लंगर पर छोड़ा था, साबिर पाक ने फरमाया मामू जान आपने लंगर लुटाने के लिए कहा था मुझे लंगर खाने के लिए नहीं कहा था। इसलिए मैंने लंगर का एक भी दाना नहीं खाया। मेरे प्यारे इस्लामी भाइयों आप समझ ही गए होंगे क्या हमारे हजरत ए साबिर पाक का क्या मर्तबा है इस्लाम में।


2.हजरत साबिर पाक की दरगाह कहां है,hazrat sabir paak ki dargah kahan hai in hindi.

हजरत साबिर पाक की दरगाह कहां है। ऐसा अगर आप गूगल पर सर्च करते हैं,तो यह आपकी आखिरी सर्च होगी क्योंकि इसके बाद आपको सर्च करने की जरूरत नहीं है। हमारे इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप किसी अन्य वेबसाइट या गूगल पर रिसर्च करने की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी।

हजरत साबिर पाक की दरगाह उत्तराखंड के रुड़की शहर के करीब कलियर शरीफ में है।


3. हरिद्वार से कलियर की दूरी कितनी है,haridwar se kaliyar ki doori kitni hai in hindi.

हरिद्वार से पिरान कलियर की दूरी हाईवे द्वारा 24 किलोमीटर है। अगर आप मोटर बाइक या कार के द्वारा सफर कर रहे हैं,तब इस दूरी को आप 15 मिनट में तय कर सकते हैं।


4. रुड़की से पिरान कलियर की दूरी,rudki se piran kaliyar ki doori in hindi.

रुड़की से पिरान कलियर की दूरी मात्र 7 किलोमीटर है। आप जब भी कलियर शरीफ जाने के लिए तैयार हो। तब आप उत्तराखंड के रुड़की शहर के करीब पिरान कलियर शरीफ में पहुंच जाएं यहां हजरत साबिर पाक पिरान कलियर की दरगाह है।

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