पांचों वक्त की अजान हिंदी में।panch waqt ki ajaan hindi me.

पांच वक्त की आजान हिंदी में, 5 वक्त अजान का इतिहास हिंदी में



Explanation:-आज हम आपके लिए एक ऐसे विषय पर चर्चा करने वाले हैं, जिसको शायद आप बहुत अच्छे से जानते हैं। और अगर नहीं जानते हो तो हमारी यह पोस्ट पढ़कर आपको पता चल जाएगा क्या आज हम आपके लिए एक ऐसी जानकारी लेकर हाजिर हुए हैं जिसको हर हिंदू या मुस्लिम बहुत ही अच्छे से जानता है।


'जी हां' प्यारे दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं,  अजान की जो मुस्लिम समुदाय में दिन की शुरुआत से लेकर तक पांच वक्त (5 बार) मस्जिद में लगाई जाती है। और जो मस्जिद में अजान देता है, उसको मुअज्जिन कहा जाता है।

  • Table of contents.

  • अजान का इतिहास हिंदी में।

  • अजान का अर्थ हिंदी में।

  • फज्र की अजान का अर्थ तर्जुमे के साथ में।


1.अजान का इतिहास हिंदी में।


अजान की शुरुआत कहां से हुई यह शायद बहुत ही कम लोग जानते हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं, तो आपको हमारी यह पोस्ट पढ़ कर पता चल जाएगा क्या अजान की शुरुआत कहां से हुई।


आज से 14 सौ वर्ष पूर्व जब मदीने में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद बनाई गई तो वहां पर मस्जिद में नमाजियों को बुलाने के लिए इस बात की जरूरत महसूस हुई की मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोगों को किस तरह बुलाया जाए। उन्हें कैसे बताया जाए कि नमाज का वक्त हो गया है। मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम ने इस बात पर अपने साहाबा इकराम से राय मशवरा किया तो सबने अलग-अलग राय आपके सामने पेश की। किसी ने कहा कि घंटी बजा दी जाए, तो किसी ने राय दी कि बिगुल बजाया जाए। और किसी ने कहा कि आग का गोला छोड़ा जाए। लेकिन मोहम्मद साहब को किसी की राय पसंद नहीं आई।


रिवायत में है-कि एक अंसारी सहावी अब्दुल्लाह बिन जैद ने उसी रात अपने सपने में देखा की किसी ने उन्हें अजान और इकामत के शब्द सिखाएं हैं।


उन्होंने सुबह उठते ही हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम की जानिब में पेश होकर अपना रात का सारा सपने का वाकिया उनके सामने पेश किया। हजरत अब्दुल्ला बिन जैद के सपने को मोहम्मद मुस्तफा ने अल्लाह की तरफ से सच्चा सपना बताया।


पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा ने हजरत अब्दुल्ला बिन रात को हुकुम दिया कि यह अपने सपने के शब्दों को हजरत बिलाल रजि अल्लाहु अन्हु को हिदायत दो और वह इसी तरह पांचों वक्त अजान दिया करेंगे उनकी आवाज बुलंद है। और इस तरह हजरत बिलाल रजि अल्लाहु अन्हु ने मदीने में पहली अजान दी।


2.अजान का अर्थ हिंदी में।


अजान जो पढ़ते हैं उसे मुअजिन् कहते हैं। मुअज्जिन जो आजान पढ़ते हैं।वह अजान पढ़ते हुए कहते हैं अल्लाह हू अकबर का अर्थ होता है अल्लाह के सिवाय कोई बड़ा नहीं, यानी कि ईश्वर महान है। अजान के आखिर में भी अल्लाह हू अकबर कहा जाता है। इसके बाद ला इलाहा इल्लल्लाह हू के बोल के साथ अजान पूरी हो जाती है। जिसका मतलब होता है अल्लाह के सिवाय कोई माबूद नहीं है।


अजान की शुरुआत से लेकर उसकी आखिर तक का महत्व अल्लाह की महानता के लिए है। और इसके बीच के बोल नमाज पढ़ने वाले हर मोमिन के लिए हैं,जो अज़ान को सुनकर मस्जिद में अल्लाह की इबादत के लिए आता है।


आइये पूरी अजान पर एक नजर डालते हैं, और जानते हैं कि इसका क्या अर्थ है।


3. फज्र की अजान का अर्थ तर्जुमे के साथ में।


अल्लाह हू अकबर, अल्लाह हू अकबर


अल्लाह हू अकबर, अल्लाह हू अकबर।।


अल्लाह सबसे ऊंचे दर्जे वाला है, यानी कि इस बार महान है।


अश-हदू अल्ला-इलाहा इल्लल्लाह 


अश-हदू अल्ला-इलाहा इल्लल्लाह ।।


मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के अलावा दूसरा कोई माबूद नहीं है, यानी की इबादत करने के लिए नहीं है।


अश-हदू अन्ना मुहम्मदुर रसूल अल्लाह


अश-हदू अन्ना मुहम्मदुर रसूल अल्लाह।।


मैं गवाही देता हूं कि मुहम्मद रसूल अल्लाह सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम अल्लाह के आखरी नबी है, इनके बाद कोई और नबी ना होगा।


हय्या अलास्सालाह, हय्या अलास्सालाह ।


आओ नमाज की तरफ


हय्या अलल फलाह,हय्या अलल फलाह ।


आओ कामयाबी की तरफ


अस्सलातु खैरूं मिनन नउम


अस्सलातु खैरूं मिनन नउम।।


 नमाज नींद से बेहतर है, नमाज की तरफ आओ।


नोट:- बोल केवल सुबह फज्र की अजान में कहे जाते हैं।


मेरे प्यारे इस्लामी भाइयों उम्मीद करता हूं मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको बहुत पसंद और आपके काम आएगी। मेरी इस पोस्ट में अगर आपको कहीं कोई गलती नजर आती है, तो प्लीज कमेंट करके बताएं मैं उसको जरूर सुधारने की कोशिश करूंगा।





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